May 31, 2026

एनआईएच में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय भूजल सम्मेलन पांच मार्च से

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील करेंगे सम्मेलन का उद्घाटन
– अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भूजल प्रबंधन पर चर्चा और विचार-विमर्श होगा

रुड़की: राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (एनआईएच) रुड़की में पांच से लेकर सात मार्च तक अंतरराष्ट्रीय भूजल सम्मेलन-2025 (आइजीडब्ल्यूसी) का आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का उद्देश्य नीति निर्माताओं, टेक्नोक्रेट, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, जल प्रबंधकों, उद्योगपतियों और गैर सरकारी संगठनों के लिए एक साझा मंच प्रदान करना है।
राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान के निदेशक एवं सम्मेलन आयोजन समिति के अध्यक्ष डा. मनमोहन कुमार गोयल ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य विषय भूजल विजन 2047: बदलती जलवायु के परिपेक्ष में जल सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि भूजल सम्मेलन में 2047 तक देश की स्वतंत्रता के 100वें वर्ष पूर्ण होने तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के समग्र लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए देश के भूजल प्रबंधन पर चर्चा और विचार-विमर्श किया जाएगा। ताकि बढ़ती आबादी की जरुरतों, जल संसाधन नियोजन और प्रबंधन में जलवायु अनिश्चितताओं का सामना करने की बढ़ती चुनौतियों का सामना किया जा सके।

निदेशक ने बताया कि इस सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील करेंगे। सम्मेलन में जल शक्ति मंत्रालय के राज्य मंत्री राज मोहन चौधरी और वी सोमन्ना, जल संसाधन विभाग, नदी विकास और गंगा संरक्षण, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार की सचिव देबाश्री मुखर्जी आदि शामिल होंगे। बताया कि केंद्रीय भूजल बोर्ड, वैश्विक भूजल वैज्ञानिक संघ, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, राष्ट्रीय नदी संरक्षण निदेशालय, ब्रिटिश भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, यूनाइटेड किंगडम, एचटीडब्ल्यूडी, जर्मनी और केटीएच, स्वीडन के सहयोग से सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। आयोजन समिति में संस्थान के वैज्ञानिक डा. अनुपमा शर्मा, डा. सुहास खोब्रागडे, डा. सोमेश्वर राव, डा. गोपाल कृष्ण, डा. सुमंत कुमार, डा. संतोष पिंगले और डा. नितेश पाटीदार शामिल हैं।

भूजल सम्मेलन में पांच सौ प्रतिभागी लेंगे भाग
रुड़की: एनआईएच रुड़की में आयोजित भूजल सम्मेलन में कुल पांच सौ प्रतिभागी शामिल होंगे। इनमें 15 देशों के करीब 25 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी भाग लेंगे। तीन दिवसीय सम्मेलन में 14 विषय पर तीन सौ से अधिक शोध पत्र 35 से ज्यादा सत्रों में प्रस्तुत किए जाएंगे। हर सत्र के एक सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र को पुरस्कृत भी किया जाएगा।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *