बहराइच: बहराइच की जिला अदालत ने प्राणघातक हमले के एक बेहद गंभीर और पुराने मामले में त्वरित न्याय करते हुए दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। जिला जज राजेश कुमार सिंह ने दोनों दोषियों को चार-चार वर्ष के सश्रम (कठोर) कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने दोनों पर 6,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि न अदा करने की स्थिति में दोषियों को तीन महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की मजबूत पैरवी करने वाले जिला शासकीय अधिवक्ता (अपराध) गिरीश चंद्र शुक्ल ने घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसरगंज थाना क्षेत्र के सिदरखा कुंडासर निवासी राम सिंह ने 20 नवंबर, 2013 को मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर के मुताबिक, टेड़वा सरैया के रहने वाले बलराज और देशराज उनके बेटे पप्पू उर्फ धर्मेंद्र कुमार सिंह को मक्के की दवाई करवाने के बहाने अपने घर बुलाकर ले गए थे। वहां दोनों ने रंजिश के तहत पप्पू पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया और उसे जलती हुई आग में ढकेल दिया, जिससे उसका दाहिना पैर बुरी तरह जल गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को गिरफ्तार कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
अदालत ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को जानलेवा हमले का दोषी पाया। मंगलवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों को जेल भेज दिया। अदालत के आदेश के बाद दोषियों का सजायाबी वारंट तैयार कर उन्हें तत्काल कारावास भुगतने के लिए जेल रवाना कर दिया गया है।
एक अन्य मामले में, विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अरविंद कुमार गौतम ने नानपारा कोतवाली में तैनात उप निरीक्षक (Sub-Inspector) मनीष यादव के खिलाफ कड़ी नाराजगी जाहिर की है। अदालत ने अपने आदेश में लिखा कि उप निरीक्षक द्वारा बार-बार मांगे जाने के बावजूद न्यायालय के समक्ष आख्या (रिपोर्ट) प्रस्तुत न करना बेहद आपत्तिजनक और आदेश की अवहेलना है। न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए 19 जून के लिए नोटिस जारी कर उप निरीक्षक से व्यक्तिगत जवाब तलब किया है।



